प्रयागराज।गंगानगर के नवाबगंज थाना क्षेत्र स्थित मलाक बलऊ गांव में सरकारी तालाब और बंजर भूमि पर कथित कब्जे की खबर दिखाना एक टीवी पत्रकार के लिए आफत बन गया। आरोप है कि दबंगों ने खबर प्रसारित होने से बौखलाकर पत्रकार को रास्ते में रोक लिया और जान से मारने की धमकी दी।

पीड़ित पत्रकार ने थाने में नामजद तहरीर देकर पुलिस से कार्रवाई और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
मिली जानकारी के अनुसार, मलाक बलऊ गांव निवासी टीवी पत्रकार विकास मिश्रा ने ग्रामीणों की शिकायतों के आधार पर गांव के सरकारी तालाब व बंजर जमीन पर अवैध कब्जे की खबरें लगातार कवर कर रहे थे। विकास मिश्रा का आरोप है कि सोमवार को जब वह रास्ते से गुजर रहे थे, तभी गांव के ही हार्दिक मिश्रा पुत्र सचिंद्र मिश्र उर्फ नेता और अन्य लोगों ने उन्हें जबरन रोक लिया। आरोपियों ने खबर चलाने पर तीखी नाराजगी जताते हुए उन्हें अंजाम भुगतने और जान से मारने की खुली चेतावनी दी।

पीड़ित पत्रकार का कहना है कि धमकी देने वाले ये वही लोग हैं, जिनके खिलाफ तालाब कब्जे के विरोध पर ग्रामीणों के साथ मारपीट करने के आरोप में 17 जुलाई को नवाबगंज थाने में सचिंद्र मिश्रा उर्फ नेता, जगत नारायण उर्फ बच्चा, अनुराग, आलोक, आकाश, आनंद और हार्दिक के ऊपर नामजद मुकदमा दर्ज है। मुकदमे के बावजूद बेखौफ आरोपी अब शिकायतकर्ताओं के साथ-साथ खबर दिखाने वाले पत्रकारों को भी निशाना बना रहे हैं।

विकास मिश्रा ने पुलिस प्रशासन को तहरीर सौंपकर अपने व परिवार की जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। उधर, पुलिस का कहना है कि पत्रकार की ओर से मिली तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




