प्रयागराज करेली स्थित नाज हॉस्पिटल में प्रसव के बाद पत्नी की मौत से आहत जौनपुर निवासी दीनानाथ मौर्य अब अपनी मासूम बेटी को गोद में लेकर इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं। दीनानाथ का आरोप है कि प्रसव के दौरान उनकी पत्नी प्रतिमा मौर्य की हालत बिगड़ी और बाद में उनकी मौत हो गई। मामले में उन्होंने अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्था और इलाज से जुड़े तथ्यों की जांच कराने की मांग उठाई है

परिजनों के अनुसार, प्रतिमा मौर्य को प्रसव के लिए नाज हॉस्पिटल लाया गया था। उपलब्ध अस्पताल के दस्तावेज में मरीज का नाम प्रतिमा मौर्य, पत्नी दीनानाथ मौर्य, उम्र 28 वर्ष दर्ज है। दस्तावेज में 9 मार्च 2026 की ओपीडी तिथि और चिकित्सकीय जांच का विवरण भी दर्ज है।

दीनानाथ का कहना है कि पत्नी की मौत के बाद नवजात बच्ची की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई है। उनका कहना है कि वह मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं, ताकि यदि इलाज में किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय हो सके।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि अस्पताल में पत्नी के इलाज, प्रसव के दौरान अपनाई गई चिकित्सकीय प्रक्रिया और उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही संबंधित चिकित्सकों की योग्यता और उपचार संबंधी दस्तावेजों का भी नियमानुसार सत्यापन कराया जाए।
मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और किसी चिकित्सकीय लापरवाही पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। अस्पताल या संबंधित चिकित्सकों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।
दीनानाथ की मांग है कि उन्हें और उनकी मासूम बेटी को न्याय मिले और पत्नी की मौत की पूरी सच्चाई जांच के माध्यम से सामने आए।

