सावन भर चलेगा निर्माण, अभिषेक एवं विसर्जन का महायज्ञ; सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया भाग
प्रयागराज, 20 अगस्त। नैतिक विकास शोध संस्थान सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में विश्व जनकल्याण, सर्वमनोकामना पूर्ति एवं भगवान शिव को समर्पित अनंत पार्थिव शिवलिंग निर्माण, अभिषेक एवं विसर्जन महायज्ञ त्रिवेणी बांध स्थित श्री गायत्री यज्ञशाला मंदिर, हंडिया बाबा योगालय के समीप 22वें दिन भी अनवरत जारी रहा।

यज्ञस्थल पर दशरथ तिवारी एवं बालकृष्ण चतुर्वेदी ने सपरिवार बारी-बारी से मुख्य यजमान के रूप में भगवान शिव का शहद से अभिषेक किया। इसके बाद रुद्राभिषेक, आरती एवं पार्थिव शिवलिंग का विधि-विधान से विसर्जन किया गया।
यज्ञ संयोजक एवं संस्था के संस्थापक अध्यक्ष श्याम सूरत पाण्डेय ने कहा कि शिवपुराण में पार्थिव शिवलिंग पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। उन्होंने कहा कि मान्यता है कि पार्थिव शिवलिंग की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से महायज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।

संस्था के प्रवक्ता एवं महासचिव सत्य प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि रामायण से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, लंका विजय से पूर्व भगवान श्रीराम ने समुद्र तट पर पार्थिव शिवलिंग बनाकर भगवान शिव की पूजा की थी। उन्होंने कहा कि सावन मास में पार्थिव शिवलिंग पूजन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।

22वें दिन के रुद्राभिषेक, आरती एवं विसर्जन कार्यक्रम में श्री सिद्ध बाबा, मधु चकहा, डॉ. सत्या पाण्डेय, राजनाथ तिवारी, अमरेन्द्र मिश्रा मुन्ना, संजय बनकटा, ब्रह्मानन्द मिश्र, रमेश मिश्र रामेश्वर, अधिवक्ता सत्य प्रकाश पाण्डेय, श्रीश चंद्र दुबे, अधिवक्ता नितिन दुबे, अधिवक्ता दुर्गेश दुबे, विजय यादव, मधुबाला पाण्डेय, संजय मिश्र, उमेश मिश्रा, आशा पाण्डेय, अपर्णा पाण्डेय, विनोद उपाध्याय सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

आयोजकों ने बताया कि अनंत पार्थिव शिवलिंग निर्माण, अभिषेक एवं विसर्जन महायज्ञ संपूर्ण सावन मास तक अनवरत जारी रहेगा।

