बारिश से जलभराव के स्थायी समाधान के लिए मंडलायुक्त ने दिए व्यापक निर्देश

प्रयागराज जनपद में तेज बारिश के कारण उत्पन्न जलभराव की समस्या के स्थायी एवं प्रभावी समाधान के लिए मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, नगर आयुक्त साईं तेजा, क्षेत्रीय पार्षदों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर की जल निकासी व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में जॉर्जटाउन, टैगोर टाउन, लिडिल रोड, अल्लापुर, बाघमरी और सलोरी सहित जलभराव वाले क्षेत्रों की स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने ड्रेनेज कनेक्टिविटी, नालों की क्षमता और पंपिंग व्यवस्था की समीक्षा की। पार्षदों ने बताया कि इन क्षेत्रों में आसपास के इलाकों का वर्षाजल एकत्रित होने के कारण अत्यधिक बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बनती है।

मंडलायुक्त ने वैकल्पिक ड्रेनेज लाइन, पंपिंग स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने और डांडिया नाले की चौड़ाई बढ़ाकर उसे अल्लापुर पंपिंग स्टेशन से जोड़ने की संभावनाओं का तकनीकी अध्ययन कर रिपोर्ट और एस्टीमेट तैयार कराने के निर्देश दिए।

सोबतिया बाग क्षेत्र में ड्रेनेज लाइन पर हुए निर्माण और अतिक्रमण के कारण बंद हुए हिस्सों को हटाकर ओपन स्क्वायर ड्रेन विकसित करने तथा उसे मोरी ड्रेन से जोड़ने के निर्देश दिए गए। संगम पेट्रोल पंप के पास डीप संपवेल विकसित करने के प्रस्ताव का भी तकनीकी आकलन कराया जाएगा।

जवाहरलाल नेहरू रोड स्थित करीब 25 वर्षों से बंद बाईपास नाले को दोबारा सक्रिय करने के लिए तीन-चार स्थानों पर कटिंग कर चोक पॉइंट चिन्हित करने और सुपर सक्शन मशीन से सफाई कराने के निर्देश दिए गए। कटिंग के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान में जीपीआर मशीन की मदद लेने के लिए जिलाधिकारी को संबंधित विभागों से समन्वय करने को कहा गया।

इसके अलावा जॉर्जटाउन थाने से पंपिंग के जरिए निकलने वाले पानी को बाईपास नाले से जोड़ने की संभावना का भी तकनीकी अध्ययन कराया जाएगा। जल निगम, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, लोक निर्माण विभाग और नगर निगम को संयुक्त रूप से रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए।

सीएमपी डिग्री कॉलेज के पास प्रस्तावित पंपिंग स्टेशन के कार्य में तेजी लाने तथा संबंधित बड़े नाले की क्षमता बढ़ाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

मंडलायुक्त ने पूरे क्षेत्र का अद्यतन कंटूरिंग एवं ड्रेनेज मैप तैयार कराने को कहा, जिसमें नालों की कनेक्टिविटी, जल प्रवाह की दिशा, लो-पॉइंट, हाई-पॉइंट और पंपिंग व्यवस्था का विवरण रहेगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि ड्रेनेज सिस्टम को किसी भी स्थिति में सीवर सिस्टम से मिश्रित न किया जाए।

जॉर्जटाउन और टैगोर टाउन में गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की लाइनों में जमा सिल्ट की तत्काल सफाई, सीवाई चिंतामणि रोड के नाले को डीप ड्रेन से जोड़ने तथा मालवीय रोड और जवाहरलाल नेहरू रोड पर निर्माण व चौड़ीकरण के कारण बंद हुए पुराने नालों को खोलकर जल निकासी बहाल कराने के निर्देश दिए गए।

रौजा तिराहे पर आवश्यकतानुसार चैंबर खोलने, बाईपास नाले के बंद आरसीसी हिस्सों की सफाई कराने तथा कृति स्कैनिंग के पास खुदाई के कारण खुले स्थान को तत्काल सुरक्षित रूप से बंद कराने को कहा गया।

मंडलायुक्त ने सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूरा कराने और उनकी प्रगति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने जलभराव की समस्या के दीर्घकालिक समाधान के लिए तकनीकी एवं वैज्ञानिक आधार पर ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।

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