प्रयागराज विकासखंड भगवतपुर की ग्राम सभा अहमदपुर असरौली में पंचायत मतदाता सूची से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कटने का मामला ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। मतदाता सूची का अवलोकन करने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण संबंधित कार्यालयों और पंचायत केंद्रों पर पहुंचे, जहां दिनभर भीड़ लगी रही। सूची में अपना नाम न मिलने पर कई लोगों ने नाराजगी जताई और प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से मतदान करने वाले अनेक पात्र मतदाताओं के नाम इस बार पंचायत मतदाता सूची में दिखाई नहीं दे रहे हैं। इससे लोगों में चिंता और असंतोष का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, यदि समय रहते सूची में संशोधन नहीं किया गया तो कई लोग अपने मतदान के अधिकार से वंचित हो सकते हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और नाम पुनः जोड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि आवेदन देने के बाद भी अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों में निराशा बढ़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर पात्र मतदाताओं के नाम पुनः शामिल करने की मांग की है।

महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं सहित बड़ी संख्या में लोग अपने पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज लेकर मतदाता सूची की जांच कराने पहुंचे। कई लोगों ने बताया कि उनके परिवार के कुछ सदस्यों के नाम सूची में हैं, जबकि अन्य पात्र सदस्यों के नाम गायब हैं। ग्रामीणों ने इसे गंभीर प्रशासनिक त्रुटि बताते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, निर्वाचन अधिकारियों और संबंधित विभाग से मांग की है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराई जाए तथा जिन पात्र नागरिकों के नाम किसी कारणवश हट गए हैं, उन्हें नियमानुसार पुनः मतदाता सूची में शामिल किया जाए। उनका कहना है कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार प्रत्येक पात्र नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना उचित कारण सूची से नहीं हटना चाहिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उनकी शिकायतों का समय पर समाधान नहीं किया गया तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग को आगे भी उठाते रहेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि सभी पात्र मतदाता आगामी पंचायत चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

इस संबंध में प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
