प्रयागराज मुहर्रम की चाँद रात के अवसर पर परंपरागत एवं ऐतिहासिक लल्लन नाई का जुलूस बड़े ही श्रद्धा, अनुशासन और अकीदत के साथ निकाला गया। यह जुलूस वर्षों पुरानी परंपरा का प्रतीक है, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लेकर हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के 72 शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की

इमाम हुसैन (अ.स.) की सरपरस्ती में जनाब सरफराज अहमद के नेतृत्व में जुलूस अपने निर्धारित मार्गों मोहल्ला दोन्दी पुर से उठकर सुनारी गली,पाँचो कबर, मछली बाजार,मौर्य होटल,दोनदिपुर मैदान,बरन्तला, शाहनूर अली गंज,सब्जीमंडी,लतीफ मार्केट, घंटाघर,बजाजा पट्टी,कोतवाली,सेवईं मंडी,नखसकोना,पत्थर गली,हमीदिया स्कूल से होता हुआ अपने कदीमी इमाम बाड़ा पर पहुँचा। रास्ते भर लोगों ने जुलूस का इस्तगबाल किया तथा शर्बत और पानी की सबीलें लगाकर अकीदतमंदों की खिदमत की
जुलूस में शामिल लोगो ने या अली या हुसैन की सदा बुलंद की और कर्बला के शहीदों की याद को ताज़ा किया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और सौहार्द का विशेष ध्यान रखा गया। स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस व्यवस्था भी मुस्तैद रही, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ
जनाब सरफराज अहमद ने अपने संदेश में कहा कि मुहर्रम हमें सत्य, न्याय, त्याग और मानवता की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी लोगों से आपसी भाईचारे और अमन-चैन को बनाए रखने की अपील की
अंत में जुलूस अपने निर्धारित स्थल पर पहुँचकर सम्पन्न हुआ, जहाँ देश और समाज में शांति, भाईचारे तथा खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई। जुलूस में बहुत अकीदतमंदों मौजूद रहे फ़ैयाज़ अहमद फ़ैज़ी,मेराज अहमद, मो इरफान,मो इमरान,मो सैफ,समीर अहमद,मो रिज़वान,शानू हाशमी,मो फैजान,मो इरशाद,मो ऐजाज़,मो आरिफ,मो समद,मो अहद,मो अफ़ज़ल,मोइनुद्दीन, नयाब उद्दीन,प्यारे व पीस कमेटी के सदर जनाब चाँद खान,असरार नियाज़ी आदि लोग मौजूद रहे।


