प्रांतीय महाविद्यालयीन पुस्तकालयाध्यक्ष संघ का गठन

भोपाल उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत पुस्तकालयाध्यक्षों के हितों की रक्षा एवं महाविद्यालयीन पुस्तकालयों के समग्र विकास व कार्यरत पुस्तकालयाध्यक्षों को एक मंच देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 के अंतर्गत “प्रांतीय महाविद्यालयीन पुस्तकालयाध्यक्ष संघ” का गठन किया गया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन के दौर में पुस्तकालयों की भूमिका केवल पुस्तकों के संग्रह तक सीमित न रहकर ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार एवं डिजिटल संसाधनों के केंद्र के रूप में स्थापित हो गई है। इसी परिप्रेक्ष्य में प्रदेश के समस्त महाविद्यालयीन पुस्तकालयाध्यक्षों को एकजुट करने हेतु इस प्रांतीय संघ की स्थापना की गई है।

संघ के प्रमुख उद्देश्यों में पुस्तकालयाध्यक्षों के सेवा, शैक्षणिक एवं व्यावसायिक हितों का संरक्षण, NEP-2020 के अनुरूप पुस्तकालयों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करना, प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं का आयोजन तथा उच्च शिक्षा विभाग के साथ नीतिगत संवाद स्थापित करना शामिल है।

नवनियुक्त कार्यकारिणी:
संघ की सर्वसम्मति से गठित कार्यकारिणी में श्री राहुल चतुर्वेदी को अध्यक्ष मनोनीत किया गया है।
वहीं श्री सत्येन्द्र कुमार आठिया* को उपाध्यक्ष पद पर दायित्व सौंपा गया है।
संघ के अन्य उपाध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार नामदेव, श्री रमाकांत आठिया एवं डॉ. दीपक मीणा होंगे।
सचिव श्री रामकिशोर सिंह,
सह-सचिव डॉ. ज्योति जादौन,
कोषाध्यक्ष डॉ. गुलाब देवी
सह-कोषाध्यक्ष डॉ. शशिकांत खरे
मीडिया प्रभारी श्री संतोष कोरी
को मनोनीत किया गया है।

कार्यकारिणी सदस्यों में डॉ. मनोहर सिंह दांगी, डॉ. पवन सिरोजिया, डॉ. ममता मलिक, श्री सुरेंद्र कुमार सोनी, श्री मोहन सिंह चढ़ार, सुश्री अपर्णा चौबे, श्री देव प्रजापति श्री अनुभव श्रीवास्तव सहित प्रदेश भर के अन्य पुस्तकालयाध्यक्ष शामिल हैं।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यह संगठन पूर्णतः गैर-राजनीतिक एवं गैर-लाभकारी है तथा पुस्तकालयाध्यक्षों के सम्मान एवं व्यावसायिक विकास के लिए समर्पित रहेगा।

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