प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत विभिन्न कारणों से रूकी हुई किस्तों का लाभ प्राप्त करने हेतु पोर्टल पर वांछित सूचना

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत विभिन्न कारणों से रूकी हुई किस्तों का लाभ प्राप्त करने हेतु पोर्टल पर वांछित सूचना एवं अभिलेख अपडेट करें एवं रूकी हुई किस्तों का लाभ प्राप्त करें-उप कृषि निदेशक

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत 6000 रू0 की धनराशि तीन समान किस्तों में किसान भाइयों के आधार आधारित बैंक खातों में सीधे भेजी जाती है। भारत सरकार द्वारा जनपद के लगभग 48920 कृषक/कृषक परिवारो की सूचनायें अपूर्ण पाए जाने पर किस्तों के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। जिसके कारणों में-वरासत के अतिरिक्त अन्य कारणो से भूमि में परिवर्तन से सबंंिधत (वर्ष 2019 के पश्चात् भूमि का हस्तान्तरण जैसे विक्रय/दान पत्र/अनुदानित भूमि आदि कारणों से 7807 कृषक, सस्पेक्टेड पूर्व एवं वर्तमान भू-स्वामी पंजीकृत डाटा कारणों से-3177 कृषक, पिछले भू स्वामी का विवरण अपूर्ण होने के कारण से-36069 कृषक एवं नाबालिक लाभार्थी होने के कारणों से-1867 कृषक परिवार है।

उप कृषि निदेशक ने बताया है कि उपरोक्त कारणों से जिन कृषकों की किसान सम्मान निधि रोक दी गई है वह सर्वप्रथम नजदीकी जन सेवा केन्द्र के माध्यम से अथवा स्वयं फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण कराएं उसके पश्चात् pmkisan.gov.in वेबसाइट पर उपलब्ध विकल्प UPDATE MISSING INFORMATION के माध्यम से डाटा अपडेट कराकर संबंधित तहसील कार्यालय में आवश्यक अभिलेख यथा-पति-पत्नी दोनो के आधार कार्ड की छायाप्रति, वर्तमान की खतौनी की प्रमाणित प्रति एवं वरासत से जमीन प्राप्त होने की दशा में मृतक के आधार कार्ड की छायाप्रति व मृत्यु प्रमाण पत्र की छायाप्रति जमा कराये। जिससे अभिलेखों के आधार पर सत्यापन कार्य पूर्ण कराया जा सके।

उक्त समस्त सूचनाएं एवं वांछित दस्तावेज दिनांक 30 अप्रैल 2026 तक अवश्य अपलोड कराएं, उक्त तिथि के उपरांत अपडेशन से अवशेष प्रकरणों को भारत सरकार द्वारा पोर्टल से हटा दिया जायेगा और भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त नही कर सकेगें। डाटा अपडेट कराते समय उचित जानकारी एवं पठनीय दस्तावेज ही अपलोड कराएं, अन्यथा इसे सही कराने का पुनः अवसर आपको प्राप्त नही होगा तथा इसे सत्यापनकर्ता द्वारा अस्वीकृत कर दिया जायेगा।

विस्तृत जानकारी के लिए कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों/विकास खण्ड स्तरीय राजकीय कृषि बीज भण्डार/उप कृषि निदेशक कार्यालय में संपर्क करें।

खरीफ 2026 हेतु बीज वितरण व्यवस्था

  कृषि विभाग द्वारा खरीफ 2026 में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कृषकों को बीज उपलब्ध कराने की नई व्यवस्था लागू की गई है। अब बीज वितरण “पहले आओ-पहले पाओ” के स्थान पर बुकिंग एवं ई-लाटरी प्रणाली से किया जाएगा। बीज वितरण हेतु कृषकों को विभागीय पोर्टल (https://agriculture.up.gov.in) पर बुकिंग करनी होगी। बुकिंग की प्रक्रिया 22 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो चुकी है। बुकिंग की अंतिम तिथि 10 मई 2026 निर्धारित है। बीज वितरण हेतु चयन ई-लाटरी प्रणाली से किया जाएगा। सामान्य बीज वितरण एवं मिनीकिट बीज वितरण दोनों योजनाओं के अंतर्गत यह व्यवस्था लागू होगी। प्रमाणित एवं संकर बीज दोनों की बुकिंग पोर्टल पर उपलब्ध है।

उप कृषि निदेशक ने किसान भाईयों से अपील करते हुए कहा है कि कृषक भाई अपनी आवश्यकता अनुसार बीज की बुकिंग समय से कर लें। विभाग द्वारा चयनित कृषकों को ई-लाटरी के माध्यम से बीज उपलब्ध कराया जाएगा।

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